अगले 24 घंटे छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मध्य छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम की तीव्रता जिले और स्थानीय क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
- अगले 24 घंटे छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम?
- बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में जलभराव से बढ़ी परेशानी
- बलौदाबाजार में अब तक 493.2 मिलीमीटर औसत बारिश
- कवर्धा में 271.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
- रायगढ़ में 416.7 मिलीमीटर औसत बारिश
- भारी बारिश के दौरान लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- मौसम चेतावनी को हल्के में न लें
- निष्कर्ष
रायपुर में भी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान था। मौसम विभाग ने लोगों को केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और जलभराव वाले स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली की स्थिति में लोगों को सुरक्षित इमारतों के भीतर रहने की सलाह दी जाती है।
बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में जलभराव से बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश का असर बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में अधिक दिखाई दे रहा है। कई सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी है। कुछ रिहायशी इलाकों में भी जलभराव की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है। नदी और नालों में पानी का स्तर अचानक बढ़ने की आशंका रहती है, इसलिए ऐसे स्थानों पर जाने से बचना जरूरी है।
बलौदाबाजार में अब तक 493.2 मिलीमीटर औसत बारिश
बलौदाबाजार जिले में 1 जून से 22 जुलाई 2026 तक 493.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार टुण्डरा तहसील में 700.5 मिलीमीटर, बलौदाबाजार में 626 मिलीमीटर और लवन में 508.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा भाटापारा में 476.6 मिलीमीटर, पलारी में 455.5 मिलीमीटर, कसडोल में 449.6 मिलीमीटर, सुहेला में 417 मिलीमीटर, सिमगा में 404.8 मिलीमीटर और सोनाखान में 399.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जिले में कुल 4438.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जबकि औसत वर्षा 493.2 मिलीमीटर रही।
कवर्धा में 271.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
कवर्धा जिले में 1 जून से 22 जुलाई तक 271.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार पिपरिया में 412.3 मिलीमीटर और कुकदूर में 374.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
कवर्धा तहसील में 297.2 मिलीमीटर, बोड़ला में 250.7 मिलीमीटर, रेंगाखार में 232 मिलीमीटर, पंडरिया में 219 मिलीमीटर, सहसपुर लोहारा में 199.2 मिलीमीटर और कुण्डा में 186 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
22 जुलाई को समाप्त हुए पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 30.7 मिलीमीटर बारिश हुई। कवर्धा तहसील में 55.7 मिलीमीटर और पंडरिया में 39.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
रायगढ़ में 416.7 मिलीमीटर औसत बारिश
रायगढ़ जिले में 22 जुलाई तक 416.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 63.4 मिलीमीटर बारिश हुई।
तहसीलवार आंकड़ों में तमनार में 602.2 मिलीमीटर, रायगढ़ में 584.7 मिलीमीटर और कापू में 553.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा छाल में 467 मिलीमीटर, पुसौर में 454.4 मिलीमीटर, खरसिया में 374.2 मिलीमीटर और लैलूंगा में 349.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
लगातार बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
भारी बारिश के दौरान लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
भारी बारिश के दौरान नदी, नाले, पुलिया और अन्य जलस्रोतों के पास जाने से बचना चाहिए। तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश जानलेवा हो सकती है।
आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान में खड़े होने से बचें। पेड़ के नीचे शरण लेना भी सुरक्षित नहीं माना जाता। यदि संभव हो तो किसी पक्की इमारत के अंदर रहें।
वाहन चालकों को जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि किसी सड़क पर पानी का बहाव तेज है तो उस रास्ते से आगे बढ़ने के बजाय सुरक्षित मार्ग चुनना बेहतर है।
मौसम चेतावनी को हल्के में न लें
मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। किसी जिले में भारी बारिश होने के बावजूद दूसरे क्षेत्र में सामान्य बारिश हो सकती है। इसलिए राज्य स्तर की चेतावनी के साथ स्थानीय मौसम अपडेट और जिला प्रशासन की सूचना को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
बारिश के दौरान जलभराव और आकाशीय बिजली से जुड़े जोखिम बढ़ जाते हैं। ऐसे में लोगों को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक मौसम और प्रशासनिक अपडेट पर निर्भर रहना चाहिए।
फिलहाल, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में जलभराव तथा बाढ़ जैसे हालात और रायपुर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचना और नदी-नालों से दूरी बनाए रखना सबसे सुरक्षित कदम होगा।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के बीच अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में जलभराव की स्थिति पहले से ही चिंता बढ़ा रही है, जबकि रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना है।
बारिश के दौरान लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। खासकर नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
हां। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की है।
2. छत्तीसगढ़ में बारिश का सबसे ज्यादा असर किन इलाकों में है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में लगातार बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हैं।
3. रायपुर में मौसम कैसा रहने की संभावना है?
रायपुर में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
4. बारिश के दौरान किन जगहों पर जाने से बचना चाहिए?
लोगों को नदी, नालों, तेज बहाव वाले पानी, जलभराव वाले इलाकों और खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए।
5. बलौदाबाजार में कितनी औसत बारिश दर्ज की गई?
1 जून से 22 जुलाई 2026 तक बलौदाबाजार जिले में 493.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।