छत्तीसगढ़ में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है।
- बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में बारिश से बिगड़े हालात
- इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
- मौसम विभाग ने लोगों से क्या अपील की?
- राज्य में अब तक 403.8 मिलीमीटर औसत बारिश
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से 186.9 प्रतिशत अधिक बारिश
- किन जिलों में मानसून कमजोर है?
- जिलेवार बारिश के आंकड़े क्या बताते हैं?
- भारी बारिश के दौरान लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- बारिश के बीच खेती-किसानी को भी मिला फायदा
- निष्कर्ष
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, अंबिकापुर और बलरामपुर समेत कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने और जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है। नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है।
बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में बारिश से बिगड़े हालात
लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के कुछ मैदानी जिलों में दिखाई दे रहा है। बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कें पानी में डूबने और कॉलोनियों में पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय निर्देशों का पालन करना जरूरी है। नदी, नाले और पुल-पुलियों के आसपास जाना विशेष रूप से जोखिम भरा हो सकता है।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ और प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, अंबिकापुर और बलरामपुर समेत कई जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से क्या अपील की?
भारी बारिश की संभावना के बीच मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने और मौसम की स्थिति पर नजर रखने की अपील की गई है।
लोगों को नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है, इसलिए किसी भी जलस्रोत को पार करने का जोखिम नहीं लेना चाहिए।
आकाशीय बिजली की संभावना के दौरान खुले मैदानों में खड़े होने और पेड़ों के नीचे शरण लेने से भी बचना चाहिए।
राज्य में अब तक 403.8 मिलीमीटर औसत बारिश
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की 23 जुलाई 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक औसतन 403.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले 10 वर्षों के औसत 436.3 मिलीमीटर का लगभग 92.5 प्रतिशत है।
प्रदेश में एक दिन के दौरान औसतन 15.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में खेती-किसानी से जुड़े कामों में तेजी आई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से 186.9 प्रतिशत अधिक बारिश
इस मानसून सीजन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। यहां सामान्य औसत से 186.9 प्रतिशत अधिक यानी 639 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
इसके अलावा बलरामपुर में सामान्य से 158.4 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा में 127.5 प्रतिशत, सक्ती में 123.8 प्रतिशत और रायपुर में 123.1 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।
बिलासपुर में सामान्य से 117 प्रतिशत, मुंगेली में 116 प्रतिशत, दुर्ग में 113.5 प्रतिशत, बलौदाबाजार में 121 प्रतिशत और महासमुंद में 114.3 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय जलस्रोतों में पानी का स्तर बढ़ा है।
किन जिलों में मानसून कमजोर है?
जहां राज्य के कई मैदानी जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, वहीं दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मानसून की स्थिति कमजोर बनी हुई है।
सुकमा और बीजापुर में इस सीजन सामान्य औसत की तुलना में क्रमशः 48.7 प्रतिशत और 48.8 प्रतिशत बारिश ही दर्ज की गई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 56.1 प्रतिशत, कांकेर में 58.9 प्रतिशत, कोंडागांव में 59.3 प्रतिशत और बस्तर में 61.1 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।
उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा और जशपुर में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। सरगुजा में सामान्य की तुलना में 77.2 प्रतिशत और जशपुर में 71.6 प्रतिशत बारिश हुई है।
जिलेवार बारिश के आंकड़े क्या बताते हैं?
1 जून से 23 जुलाई तक रायपुर में 460.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य की तुलना में 123.1 प्रतिशत है। बलौदाबाजार में 504.2 मिलीमीटर यानी 121 प्रतिशत, महासमुंद में 472 मिलीमीटर यानी 114.3 प्रतिशत और दुर्ग में 409.5 मिलीमीटर यानी 113.5 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई।
बिलासपुर में 487.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 117 प्रतिशत है। जांजगीर-चांपा में 575.4 मिलीमीटर यानी 127.5 प्रतिशत और सक्ती में 484.4 मिलीमीटर यानी 123.8 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई।
वहीं, रायगढ़ में 434 मिलीमीटर, कोरबा में 475.7 मिलीमीटर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 406.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
भारी बारिश के दौरान लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
भारी बारिश के दौरान लोगों को नदी, नालों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले पानी से दूरी बनाए रखनी चाहिए। कई बार सामान्य दिखने वाला जलभराव अचानक तेज बहाव में बदल सकता है।
वाहन चालकों को पानी भरी सड़कों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि किसी मार्ग पर पानी का बहाव तेज हो तो उसे पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। पेड़ के नीचे खड़े होना भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे समय में किसी पक्की इमारत के अंदर रहना बेहतर होता है।
बारिश के बीच खेती-किसानी को भी मिला फायदा
प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने से खेती-किसानी से जुड़े कामों में तेजी आई है। पर्याप्त बारिश वाले जिलों में किसान कृषि गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं।
हालांकि, अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और खेतों में पानी जमा होने की समस्या भी सामने आ सकती है। इसलिए बारिश का प्रभाव जिले और स्थानीय क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में मानसून की स्थिति इस समय काफी असमान बनी हुई है। रायपुर, बलौदाबाजार, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, महासमुंद और कई अन्य जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि बस्तर संभाग के कई जिलों में बारिश सामान्य से कम है।
बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात के बीच मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए।
बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, नदी-नालों से दूरी बनाए रखना और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतना सबसे जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. छत्तीसगढ़ में किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?
रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, अंबिकापुर और बलरामपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
2. छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश किस जिले में हुई है?
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य औसत से 186.9 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो प्रदेश में सबसे अधिक है।
3. किन जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं?
बिलासपुर और जांजगीर-चांपा समेत आसपास के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात की जानकारी सामने आई है।
4. मौसम विभाग ने लोगों को क्या सलाह दी है?
लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने और नदी-नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
5. बस्तर संभाग में बारिश की स्थिति कैसी है?
बस्तर, सुकमा, बीजापुर, कांकेर और कोंडागांव समेत कई दक्षिणी जिलों में इस मानसून सीजन सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।