नई दिल्ली। भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार देश में 31 मार्च 2026 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता 283.46 गीगावाट तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। (Press Information Bureau)
मुख्य बिंदु
• भारत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचा
• देश की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता 283.46 गीगावाट हुई
• 2025-26 में 55.3 गीगावाट नई क्षमता जोड़ी गई
• 2030 तक 500 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य
• सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र में लगातार निवेश बढ़ रहा है (Press Information Bureau)
स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग
ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भारत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 55.3 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जो किसी भी एक वर्ष में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि मानी जा रही है। देश ने 2025 में ही अपने कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल कर लिया था, जो निर्धारित लक्ष्य से पांच वर्ष पहले प्राप्त हुआ। (Press Information Bureau)
सौर ऊर्जा बनी विकास की मुख्य ताकत
भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में सबसे बड़ा योगदान सौर ऊर्जा का है। वर्तमान में देश में 150 गीगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। इसके अलावा पवन ऊर्जा, जल विद्युत और जैव ऊर्जा क्षेत्र में भी लगातार विस्तार हो रहा है। (Press Information Bureau)
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू सौर उत्पादन और रूफटॉप सोलर योजनाओं ने इस वृद्धि को गति दी है।
2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य
भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सौर ऊर्जा पार्क, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण प्रणाली और नई ट्रांसमिशन परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। (Press Information Bureau)
केंद्र सरकार ने राज्यों से ग्रीन एनर्जी स्टोरेज और ऊर्जा अवसंरचना परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का भी आग्रह किया है। (The Economic Times)
ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का कहना है कि नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है। इससे ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम हो सकती है और दीर्घकाल में ऊर्जा लागत नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते निवेश से रोजगार के अवसर और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। (India Brand Equity Foundation)
वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही भारत की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को तेजी से उभरते स्वच्छ ऊर्जा बाजारों में शामिल किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि देश ऊर्जा संक्रमण, ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। (Elets eGov)
निष्कर्ष
नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचना भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सौर, पवन और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों में लगातार निवेश के साथ देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास के अपने लक्ष्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। (Press Information Bureau)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत वर्तमान में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में किस स्थान पर है?
भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है। (Press Information Bureau)
भारत की कुल गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता कितनी है?
31 मार्च 2026 तक यह 283.46 गीगावाट है। (Press Information Bureau)
भारत का 2030 लक्ष्य क्या है?
2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करना। (Press Information Bureau)
सबसे बड़ा योगदान किस ऊर्जा स्रोत का है?
सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा योगदान है। (Press Information Bureau)